ॐ नमः शिवाय
पूर्ण शिव आरती • मंत्र • पूजा विधि
🔔 श्री शिव जी की पूरी आरती
जय शिव ओंकारा ॐ जय शिव ओंकारा।
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव अर्द्धांगी धारा ॥१॥
एकानन चतुरानन पंचानन राजे।
हंसासन गरुड़ासन वृषवाहन साजे ॥२॥
दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे।
तीनों रूप निरखता त्रिभुवन जन मोहे ॥३॥
अक्षमाला वनमाला मुण्डमाला धारी।
त्रिपुरारी कंसारी कर माला धारी ॥४॥
श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे।
सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे ॥५॥
कर के मध्य कमण्डलु चक्र त्रिशूल धर्ता।
जगकर्ता जगभर्ता जगसंहारकर्ता ॥६॥
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका।
प्रणवाक्षर के मध्ये यह तीनों एका ॥७॥
काशी में विश्वनाथ विराजत नन्दी ब्रह्मचारी।
नित उठ दरशन पावत महिमा अति भारी ॥८॥
त्रिगुण शिवजी की आरती जो कोई नर गावे।
कहत शिवानन्द स्वामी सुख सम्पत्ति पावे ॥९॥
🕉️ शिव मंत्र
ॐ नमः शिवाय
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे
सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् ।
उर्वारुकमिव बन्धनान्
मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॥
इन मंत्रों का 108 बार जप करने से मानसिक शांति, रोग नाश और शिव कृपा प्राप्त होती है।
🙏 श्री शिव पूजन की पूरी विधि
- प्रातः स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- शिवलिंग या भगवान शिव की तस्वीर उत्तर दिशा में स्थापित करें।
- दीप प्रज्वलित कर भगवान शिव का ध्यान करें।
- शिवलिंग पर क्रमशः जल, दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल अर्पित करें।
- बेलपत्र, धतूरा, भस्म, सफेद पुष्प अर्पित करें।
- ॐ नमः शिवाय मंत्र का कम से कम 108 बार जप करें।
- शिव चालीसा या शिव स्तोत्र का पाठ करें।
- अंत में पूरी शिव आरती करें।
- भगवान शिव से मनोकामना प्रार्थना करें।
- प्रसाद ग्रहण कर पूजा पूर्ण करें।
विशेष: सोमवार, महाशिवरात्रि और श्रावण मास में यह पूजा अत्यंत फलदायी होती है।



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